Épisodes

  • 24 Jan 26 - संसार से मुक्ति का रहस्य: भोगो, पर जाग कर! सच्चा फकीर कौन? झोला उठाने वाला या भीतर से खाली
    Jan 23 2026
    00:00 - सच्चा त्याग: भोग से ही त्याग फलित होता है (True Renunciation: Renunciation blooms from Indulgence)02:00 - पका हुआ फल खुद गिरता है, तोड़ना नहीं पड़ता (Ripe fruit falls on its own, no need to pluck)04:00 - फकीर और झोला: क्या झोला उठाना जरूरी है? (Fakir & the Bag: Is carrying a bag necessary?)07:00 - बुद्ध और शंकराचार्य की भिक्षा: शरीर की जरूरत (Buddha & Shankaracharya's Alms: Body's Necessity)14:00 - बुद्ध का गृहत्याग: सारथी के साथ संवाद (Buddha's Renunciation: Dialogue with Charioteer)17:00 - बुद्ध ने अपने बाल क्यों काटे? (Why did Buddha cut his hair?)26:30 - रावण का शिव तांडव स्तोत्र: समभाव (Ravana's Shiva Tandava Stotram: Equanimity)31:30 - यशोधरा की प्रतिक्रिया: एक क्षत्राणी का धर्म (Yashodhara's Reaction: Duty of a Warrior Woman)47:00 - मंसूर अल-हल्लाज: अनल हक़ (Mansur Al-Hallaj: Anal Haq)53:30 - ईश्वर चंद्र विद्यासागर और नाटक की कहानी (Ishwar Chandra Vidyasagar & The Story of the Play)1:04:00 - साक्षी भाव: भोग को जाग कर भोगो (Witness Consciousness: Indulge with Awareness)1:16:30 - मन लागो मेरो यार फकीरी में (My mind is set on Fakiri/Simplicity)---सारांश (Summary)इस वीडियो में बाबाजी (विजय वत्स) समझाते हैं कि सच्चा त्याग जबरदस्ती नहीं थोपा जा सकता, बल्कि यह भोग की चरम सीमा से स्वाभाविक रूप से उत्पन्न होता है, जैसे पका हुआ फल खुद वृक्ष से गिर जाता है। वे बुद्ध के जीवन, विशेष रूप से उनके गृहत्याग और यशोधरा के साथ उनके संबंधों का मार्मिक वर्णन करते हैं। बाबाजी ईश्वर चंद्र विद्यासागर की एक कहानी के माध्यम से जीवन को एक 'नाटक' की तरह देखने और उसमें लिप्त न होने (साक्षी भाव) का महत्व बताते हैं। मुख्य संदेश यह है कि अपनी इंद्रियों को भोगते हुए देखना ही सच्चा जागरण है।---मुख्य विषय (Topics)* सच्चा त्याग बनाम थोपा हुआ त्याग (True Renunciation vs Forced Renunciation)* बुद्ध के जीवन की घटनाएं (Events from Buddha's Life)* यशोधरा का त्याग और समझ (Yashodhara's Sacrifice & Understanding)* साक्षी भाव और दृष्टा (Witness Consciousness & The Observer)* ईश्वर चंद्र विद्यासागर की कहानी (Story of Ishwar Chandra Vidyasagar)* मंसूर और 'अनल हक़' (Mansur & Anal Haq)* रावण और शिव तांडव स्तोत्र (Ravana & Shiva Tandava Stotram)---Shorts Style Topics- बुद्ध ने घर छोड़ते वक्त अपने बाल क्यों काटे? [17:00] ✂️👑- ईश्वर चंद्र विद्यासागर ने नाटक में जूता क्यों फेंका? [53:30] 👞🎭- सच्चा त्याग क्या है? आम के फल का उदाहरण [02:00] 🥭🙏- यशोधरा ने बुद्ध से क्या कहा? क्षत्राणी का धर्म [31:30] 👸⚔️- भोग में ही योग है? बाबाजी का क्रांतिकारी विचार [00:00] 🧘‍♂️🔥---वीडियो के लिए शीर्षक (Titles)1. संसार से मुक्ति का रहस्य: भोगो, लेकिन जाग कर2. बुद्ध और यशोधरा: त्याग की एक अनकही कहानी3. ईश्वर चंद्र विद्यासागर की भूल: जीवन एक नाटक है4. सच्चा ...
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    1 h et 20 min
  • 23 Jan 26 - सत, चित, आनंद की व्याख्या! Serenity का असली मतलब: शांति से भी परे क्या है? साक्षी-भाव, नाद
    Jan 22 2026
    00:00 - क्या परमात्मा को 'Serenity' कह सकते हैं? (Can we call God 'Serenity'?)02:00 - शांति और कोलाहल का साक्षी (Witness of Peace and Chaos)07:00 - अजपा जप क्या है? (What is Ajapa Jap?)13:30 - Serenity का असली अर्थ: प्रशांत (True Meaning of Serenity: Prashant)16:20 - सत, चित, आनंद का कोई विपरीत नहीं होता (Sat, Chit, Anand has no opposite)22:00 - शंकराचार्य के साथ बदसलूकी और प्रतीकों का अपमान (Mistreatment of Shankaracharya & Insult to Symbols)26:00 - हिंदू धर्म और कायरता (Hinduism and Cowardice)37:00 - मोदी जी डमरू बजा रहे हैं? (Modi Ji playing Damru?)40:30 - असभ्य लोग और धर्म ध्वज का अपमान (Uncivilized People & Insult to Religious Flag)43:00 - सत्य अनुभव किया जाता है, बोला नहीं जाता (Truth is experienced, not spoken)47:00 - निरंकारी धर्म एक पार्टी है? (Nirankari Religion is a Party?)53:00 - कृष्ण का पहला नाम क्या था? (What was Krishna's first name?)---सारांश (Summary)इस वीडियो में बाबाजी (विजय वत्स) आध्यात्मिक शांति और 'Serenity' (प्रशांत) के अर्थ को गहराई से समझाते हैं। वे कहते हैं कि परमात्मा शांति और कोलाहल दोनों का साक्षी है, और वह द्वैत (सुख-दुख, शांति-अशांति) से परे 'अद्वैत' है। बाबाजी ने हाल ही में शंकराचार्य के साथ हुई बदसलूकी की कड़ी निंदा की और इसे हिंदू धर्म के प्रतीकों का अपमान बताया। उन्होंने मोदी सरकार और आधुनिक राजनीति पर भी तीखा हमला किया, यह कहते हुए कि जो डमरू बजाना जानता है वह देश नहीं चला सकता। अंत में, वे कृष्ण के नामकरण और सत्य के अनुभव पर प्रकाश डालते हैं।---मुख्य विषय (Topics)* Serenity (प्रशांत) और आध्यात्मिक शांति (Serenity & Spiritual Peace)* साक्षी भाव और अद्वैत (Witness Consciousness & Non-duality)* अजपा जप और अनहद नाद (Ajapa Jap & Anahad Naad)* शंकराचार्य और धार्मिक प्रतीकों का अपमान (Shankaracharya & Insult to Religious Symbols)* हिंदू धर्म और राजनीति (Hindu Religion & Politics)* मोदी सरकार की आलोचना (Criticism of Modi Govt)* सत, चित, आनंद की व्याख्या (Explanation of Sat, Chit, Anand)---Shorts Style Topics- परमात्मा शांति नहीं, प्रशांत है! जानिए फर्क [13:30] 🌌✨- शंकराचार्य का छत्र तोड़ा गया? बाबाजी का गुस्सा फूटा [22:00] 😡🚩- क्या मोदी जी देश चलाने के बजाय डमरू बजा रहे हैं? [37:00] 🥁🇮🇳- कृष्ण का नाम कृष्ण किसने रखा था? [53:00] 👶💙- अजपा जप का असली रहस्य क्या है? [07:00] 📿🤫---वीडियो के लिए शीर्षक (Titles)1. Serenity का असली मतलब: शांति से भी परे क्या है?2. शंकराचार्य का अपमान: हिंदू धर्म के लिए शर्मनाक घटना3. मोदी सरकार पर बाबाजी का हमला: डमरू बजाने वाले देश नहीं चलाते4. अजपा जप और अनहद नाद: ध्यान की गहरी अवस्था5. क्या निरंकारी धर्म सिर्फ एक पार्टी है? बाबाजी का दावा---सामान्य हैशटैग्स (Hashtags)#BabaJiVijayVats #SerenityMeaning #ShankaracharyaInsult #...
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    56 min
  • 22 Jan 26 - गामा से डेल्टा वेव तक की यात्रा !! क्या दोहराने (Repetition) से क्रांति घटित होती है?
    Jan 21 2026
    00:00 - क्या दोहराने (Repetition) से क्रांति घटित होती है? (Does Repetition cause Revolution?)02:00 - सुबह 4 बजे लाउडस्पीकर बजाना अपराध है (Playing Loudspeakers at 4 AM is a Crime)05:30 - गधे को घोड़ा कहने से वह घोड़ा नहीं बनता (Calling a Donkey a Horse doesn't make it one)07:25 - सामूहिक कल्याण नहीं, व्यक्ति का कल्याण होता है (No Collective Welfare, only Individual Welfare)11:00 - दूसरों का भला मांगने से अपना भला पहले होता है (Wishing well for others helps you first)18:30 - गामा से डेल्टा वेव तक की यात्रा: विज्ञान (Journey from Gamma to Delta Waves: Science)26:00 - डेसिबल और शोर: धर्म के नाम पर बहरापन (Decibels & Noise: Deafness in the name of Religion)30:56 - थीटा और डेल्टा वेव: असली शांति और मौन (Theta & Delta Waves: True Peace & Silence)38:16 - अगर कोई थप्पड़ मारे तो क्या करें? फरीद का जवाब (If someone slaps you? Farid's Answer)---सारांश (Summary)इस वीडियो में बाबाजी (विजय वत्स) प्रार्थनाओं को दोहराने (जैसे "सबका मंगल हो") और लाउडस्पीकरों के प्रयोग पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण रखते हैं। वे कहते हैं कि केवल रटने या चिल्लाने से वास्तविकता नहीं बदलती, लेकिन यह मन को शांत करने की एक शुरुआत हो सकती है। बाबाजी सुबह 4 बजे लाउडस्पीकर बजाकर लोगों की नींद खराब करने को अपराध मानते हैं। वे **ब्रेन वेव्स (गामा, बीटा, अल्फा, थीटा, डेल्टा)** के विज्ञान को समझाते हुए कहते हैं कि अध्यात्म का लक्ष्य शोर (गामा) से मौन (डेल्टा) की ओर जाना है। वे शेख फरीद का उदाहरण देते हुए 'नॉन-रिएक्शन' (प्रतिक्रिया न देना) को सुखी जीवन का रहस्य बताते हैं।---मुख्य विषय (Topics)* प्रार्थना का दोहराव और उसका प्रभाव (Repetition of Prayer & its Effect)* लाउडस्पीकर और ध्वनि प्रदूषण (Loudspeakers & Noise Pollution)* ब्रेन वेव्स का विज्ञान: गामा से डेल्टा तक (Science of Brain Waves: Gamma to Delta)* नींद का महत्व और ब्रह्म मुहूर्त (Importance of Sleep & Brahma Muhurta)* क्रिया और प्रतिक्रिया का नियम (Law of Action & Reaction)* शेख फरीद और सहनशीलता (Sheikh Farid & Tolerance)* व्यक्तिगत बनाम सामूहिक कल्याण (Individual vs Collective Welfare)---Shorts Style Topics- सुबह 4 बजे लाउडस्पीकर बजाना क्यों गलत है? [02:00] 🔊🚫- दूसरों के लिए दुआ करने से आपका क्या फायदा होता है? [11:00] 🙏✨- गुस्से और तनाव का वैज्ञानिक कारण: गामा वेव्स [19:50] 🧠😡- अगर कोई थप्पड़ मारे तो उसके पैर चूम लो! फरीद का नुस्खा [39:00] 🦶❤️- ॐ शांति बोलने से दिमाग में क्या होता है? [15:00] ☮️🧘‍♂️---वीडियो के लिए शीर्षक (Titles)1. क्या मंत्र दोहराने से दुनिया बदल सकती है? बाबाजी का वैज्ञानिक जवाब2. धर्मस्थलों पर लाउडस्पीकर: पुण्य या पाप?3. गुस्से से शांति तक: गामा से डेल्टा वेव्स का विज्ञान4. ...
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    41 min
  • 21 Jan 26 - आखिर अपने भीतर उतरें कैसे? वैज्ञानिक ढंग से समझें! | बाबाजी का सबसे गहरा प्रवचन
    Jan 21 2026

    00:00 - परिचय और भक्त का प्रश्न: अपने भीतर कैसे उतरें?

    04:23 - वैज्ञानिक उदाहरण: हवाई जहाज और गुरुत्वाकर्षण (Airplane & Gravity)

    08:22 - दूसरा उदाहरण: आकाश में पत्थर (Stone in the Sky)

    09:42 - अहंकार की पकड़ और परमात्मा की गोद

    15:42 - द्रौपदी का उदाहरण: जब सहारे छूटते हैं तभी परमात्मा मिलते हैं

    21:36 - पहला सूत्र: दौड़ना बंद करो (Stop Running)

    26:12 - रामायण प्रसंग: दशरथ का मोह और व्याकुलता

    29:04 - केवट और श्रीराम का प्रसंग: चरण पखारना

    31:00 - चरण स्पर्श का विज्ञान (Science of Delta Waves)

    41:08 - ब्रह्मांड की विशालता के आगे मनुष्य का अहंकार (Universe vs Ego)

    43:31 - गणितीय विश्लेषण: पृथ्वी पर मनुष्य का वजूद क्या है?

    51:59 - विभिन्न धर्मों का वैज्ञानिक विश्लेषण (Scientific Analysis of Religions)

    52:13 - ईसाई धर्म: कन्फेशन (Confession) और सेवा का महत्व

    59:03 - इस्लाम: अहंकार की कुर्बानी (Sacrifice of Ego)

    01:02:10 - सिख धर्म: रज़ा और हुकम में रहना

    01:06:49 - हिंदू धर्म: मान्यताएं बनाम यथार्थ

    01:09:47 - डेल्टा अवस्था (Delta State) और आध्यात्मिक अनुभव

    01:16:05 - अंधविश्वास और काल्पनिक मान्यताओं पर कटाक्ष

    01:20:12 - समापन भजन: विधना तेरे लेख

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    1 h et 24 min
  • 20 Jan 26 - मैं कैसे पहुंचा? अतीत और भविष्य से मुक्ति का सूत्र | अहंकार तोड़ने का फार्मूला Must Watch
    Jan 19 2026
    00:00 - कल्पना और स्वयं का सच (Imagination and Truth of Self)03:00 - राजनीतिक और धार्मिक कल्पनाएं (Political and Religious Imaginations)06:20 - सच्चा दान क्या है? (What is True Donation?)09:20 - फल की इच्छा और कर्म (Desire for Fruit and Action)12:20 - मैं कैसे पहुंचा? सभी धर्मों का त्याग (How I Reached? Renunciation of All Religions)15:30 - फकीरी और परमात्मा की रजा (Faqiri and Will of God)19:00 - अतीत और भविष्य का जाल (Trap of Past and Future)26:30 - वर्तमान ही स्वर्ग है (Present is Heaven)31:00 - हिंदू राष्ट्र और मुस्लिम राष्ट्र का सच (Truth of Hindu Rashtra and Muslim Rashtra)34:00 - जो भी है बस यही एक पल है (Whatever is there, is just this moment)41:40 - यार की मर्जी के आगे यार का दम भर (Live in the Will of the Beloved)49:00 - अहंकार तोड़ने का फार्मूला (Formula to Break Ego)53:00 - पत्थर और गुरुत्वाकर्षण का उदाहरण (Example of Stone and Gravity)59:40 - अवलंबन छोड़ो, निरावलंब हो जाओ (Leave Support, Be Independent)1:04:40 - 2047 का सपना और वर्तमान की हकीकत (Dream of 2047 and Reality of Present)1:08:00 - मोदी सरकार की गलत नीतियां (Wrong Policies of Modi Govt)---सारांश (Summary)इस वीडियो में बाबाजी (विजय वत्स) समझाते हैं कि कल्पनाएं और सपने मनुष्य को वर्तमान से दूर ले जाते हैं। वे कहते हैं कि राजनीतिज्ञ अतीत (बाबर, गजनवी) का डर दिखाते हैं और धार्मिक लोग भविष्य (स्वर्ग, हिंदू राष्ट्र) का लालच देते हैं, जिससे व्यक्ति वर्तमान का "स्वर्ग" खो देता है। बाबाजी के अनुसार, सच्चा आनंद केवल वर्तमान में ठहरने और "निरावलंब" (बिना किसी सहारे के) होने में है। वे मोदी सरकार के 2047 के वादों और अतीत के डर की राजनीति की कड़ी आलोचना करते हैं, और कहते हैं कि सच्चा विकास कल्पनाओं से नहीं, धरातल पर उतरने से होगा।---मुख्य विषय (Topics)* कल्पना बनाम वर्तमान (Imagination vs Present)* राजनीतिक और धार्मिक भ्रम (Political and Religious Illusions)* सच्चा दान और कर्मयोग (True Donation & Karma Yoga)* अतीत और भविष्य से मुक्ति (Freedom from Past and Future)* निरावलंब साधना (Supportless Meditation)* मोदी सरकार की आलोचना (Criticism of Modi Govt)* हिंदू राष्ट्र और धर्म की वास्तविकता (Hindu Rashtra & Reality of Religion)---Shorts Style Topics- स्वर्ग कहाँ है? बाबाजी ने बताया असली पता [26:30] 🌌📍- 2047 में भारत विकसित होगा? बाबाजी का करारा जवाब [1:04:40] 🇮🇳📅- हिंदू राष्ट्र: सपना या राजनीति? [31:00] 🕉️🤔- पत्थर हवा में कैसे रुकता है? निरावलंब साधना का रहस्य [53:00] 🪨✨- अतीत का डर और भविष्य का लालच: हमें कैसे फंसाया जा रहा है? [19:00] 🕰️🎣---वीडियो के लिए शीर्षक (Titles)1. स्वर्ग का सच: अतीत और भविष्य के जाल से निकलो2. क्या 2047 तक भारत विकसित बनेगा? बाबाजी की भविष्यवाणी3. हिंदू राष्ट्र और मुस्लिम राष्ट्र: क्या धर्म के नाम पर हम ठगे जा ...
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    1 h et 16 min
  • 19 Jan 26 - शीशे में दिखने वाला 'मैं' नहीं हूँ! जो दिखता है, वह तुम नहीं हो! असली पंचगव्य क्या था?
    Jan 18 2026

    00:00 - पंचगव्य का सच: क्या यह वैज्ञानिक है? (Truth of Panchagavya: Is it Scientific?)

    03:00 - चेतावनी: गोमूत्र और गोबर का सेवन हानिकारक है (Warning: Consuming Cow Urine & Dung is Harmful)

    08:33 - गोबर खाने से हार्ट अटैक? 'इरा' तत्व का खतरा (Heart Attack from Cow Dung? Danger of 'Ira' element)

    13:00 - गोमूत्र में विषैले तत्व होते हैं (Toxic Elements in Cow Urine)

    17:42 - असली पंचगव्य क्या था? दूध, दही, घी, शहद, गुड़ (What was Original Panchagavya? Milk, Curd, Ghee, Honey, Jaggery)

    21:29 - प्रसाद के लिए सबसे शुद्ध फल: केला (Banana: The Purest Fruit for Prasad)

    24:00 - असली धन (राम धन) बनाम कागजी नोट (Real Wealth vs Paper Money)

    29:13 - मलूक दास: 'छोड़ दे पराई आस' (Malook Das: 'Give up expectations from others')

    34:27 - आत्मज्ञान का सूत्र: जो दिखता है, वह तुम नहीं हो (Formula for Self-Realization: What you see is not you)

    46:00 - धन इकट्ठा करना और पापियों में श्रेष्ठ होना (Hoarding Wealth & Being the 'Best' Sinner)


    ---


    सारांश (Summary)


    इस वीडियो में बाबाजी (विजय वत्स) पंचगव्य के प्रचलित रूप (दूध, दही, घी, गोमूत्र, गोबर) का खंडन करते हैं। वे दूध, दही और घी को स्वास्थ्यवर्धक मानते हैं, लेकिन **गोबर और गोमूत्र** के सेवन को वैज्ञानिक रूप से हानिकारक और जहरीला बताते हैं। उनका दावा है कि गोबर में 'इरा' नामक तत्व होता है जो हार्ट अटैक का कारण बन सकता है। बाबाजी के अनुसार, असली पंचगव्य में गोबर-गोमूत्र नहीं, बल्कि **शहद और गुड़** शामिल थे। आध्यात्मिक स्तर पर, वे मलूक दास की वाणी के माध्यम से समझाते हैं कि जो भी दृश्य (शरीर, विचार) हम देख सकते हैं, वह 'हम' नहीं हैं; हम केवल दृष्टा (Witness) हैं।

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    55 min
  • 18 Jan 26 - कर्म का असली गणित: अनजाने में हुए पाप का क्या फल मिलता है? कीड़े-मकोड़े मरने का पाप लगता है?
    Jan 17 2026
    00:00 - अच्छे कर्म करके भी लोग दुखी क्यों हैं? (Why do good people suffer?)01:30 - बिल्ली और चूहे की कहानी: मंशा और कर्म (Story of Cat & Mouse: Intention & Action)05:18 - कर्म का सिद्धांत: मंशा + कर्मणा = 100% फल (Theory of Karma: Intention + Action = 100% Result)07:00 - रसोई में कीड़े-मकोड़े मरने का पाप लगता है? (Sin of killing insects in kitchen?)12:30 - राजनीति और न्यायपालिका में भ्रष्टाचार (Corruption in Politics & Judiciary)19:00 - मूलाधार चक्र और निर्णय लेने की क्षमता (Muladhara Chakra & Decision Making Capacity)29:59 - नेताओं का नारको टेस्ट होना चाहिए! (Narco Test should be mandatory for Politicians!)36:30 - डेल्टा वेव्स: नारको टेस्ट से भी बड़ा सत्य (Delta Waves: Greater Truth than Narco Test)43:30 - राम और कृष्ण जैसा राजा चाहिए, तानाशाह नहीं (Need King like Ram/Krishna, not Dictator)48:30 - देश को बर्बाद करने वाले 17 लोग: बाबाजी की लिस्ट (List of 17 People who ruined the country)50:15 - अजीत डोभाल और नफरत की राजनीति (Ajit Doval & Politics of Hate)55:00 - ईमानदार और देशभक्त लोगों की जरूरत है (Need for Honest & Patriotic People)---सारांश (Summary)इस वीडियो में बाबाजी (विजय वत्स) कर्म के सिद्धांत को स्पष्ट करते हैं कि पूरा फल तभी मिलता है जब 'मंशा' (Intention) और 'कर्म' (Action) दोनों शामिल हों; अनजाने में हुए पाप का दोष मात्र 5% है। वे वर्तमान सरकार और न्यायपालिका की कड़ी आलोचना करते हैं और प्रस्ताव रखते हैं कि सत्ता संभालने से पहले नेताओं का **नारको टेस्ट** अनिवार्य होना चाहिए ताकि उनकी सच्चाई सामने आए। बाबाजी अजीत डोभाल, मोदी और अमित शाह समेत 17 लोगों को देश की स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराते हैं और नफरत के बजाय प्रेम से दिलों पर राज करने वाली व्यवस्था का आह्वान करते हैं।---मुख्य विषय (Topics)* कर्म का विज्ञान: मनसा और कर्मणा (Science of Karma: Mansa & Karmana)* अनजाने में हुए पाप का प्रायश्चित (Atonement for Accidental Sins)* नेताओं के लिए अनिवार्य नारको टेस्ट (Mandatory Narco Test for Leaders)* न्यायपालिका और 'तीसरा नेत्र' (Judiciary & The 'Third Eye')* चक्र और निर्णय क्षमता (Chakras & Decision Making Power)* अजीत डोभाल और मोदी सरकार की आलोचना (Critique of Ajit Doval & Modi Govt)* आध्यात्मिक नेतृत्व बनाम तानाशाही (Spiritual Leadership vs Dictatorship)---Shorts Style Topics- रसोई में चींटी मर जाए तो क्या पाप लगता है? [07:00] 🐜🙏- पीएम बनने से पहले नारको टेस्ट क्यों जरूरी है? [29:59] 💉सच्चाई- कर्म का फल कब मिलता है? मंशा या काम? [05:18] ⚖️🤔- अजीत डोभाल पर बाबाजी का अब तक का सबसे बड़ा हमला [50:15] 🔥🗣️- 17 लोग जिन्होंने देश को खोखला कर दिया! [48:30] 📜🚫---वीडियो के लिए शीर्षक (Titles)1. कर्म का असली गणित: अनजाने में हुए पाप का क्या फल मिलता है?2. पीएम और नेताओं का नारको टेस्ट होना चाहिए: ...
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    59 min
  • 17 Jan 26 - शराब और नशे को संतों ने क्यों मना किया? गाय और माँ की पूजा: डेल्टा वेव्स का रहस्य Adam और Eve का सच
    Jan 16 2026
    00:00 - संतों ने शराब और नशे को क्यों मना किया? (Why Saints Forbade Alcohol & Drugs?)02:30 - सुख (Stimulation) और आनंद (Non-Stimulation) में अंतर (Difference between Pleasure & Bliss)06:58 - आदम और ईव: गेहूँ एक उत्तेजक फल था (Adam & Eve: Wheat was a Stimulant Fruit)10:23 - गाय का दूध: नॉन-स्टिमुलेंट और डेल्टा वेव्स (Cow's Milk: Non-Stimulant & Delta Waves)19:10 - माँ का दूध और बच्चे की खुशी (Mother's Milk & Child's Happiness)25:18 - गाय और नारी की पूजा का वैज्ञानिक कारण (Scientific Reason for Worshipping Cow & Woman)30:00 - चेतावनी: गोबर कभी मत खाना (Warning: Never Eat Cow Dung)35:35 - धारोष्ण दूध (सीधे थन से) का रहस्य (Secret of Dharoshna Milk - Direct from Udder)46:00 - धन इकट्ठा करना और पाप (Hoarding Wealth & Sin)57:30 - बाबाजी की डाइट: सिर्फ चाय और दूध (Babaji's Diet: Only Tea & Milk)01:06:00 - मकर संक्रांति और शक्तिपात (Makar Sankranti & Transmission of Energy)01:17:30 - पूर्णस्य पूर्णमादाय: गुरु का ज्ञान कभी नहीं घटता (Guru's Knowledge Never Diminishes)---सारांश (Summary)इस वीडियो में बाबाजी (विजय वत्स) बताते हैं कि संतों ने शराब और नशे को इसलिए वर्जित किया क्योंकि ये **गामा वेव्स (Gamma Waves)** और उत्तेजना (Stimulation) पैदा करते हैं, जबकि आध्यात्म का लक्ष्य **'नॉन-स्टिमुलेशन'** या **डेल्टा वेव्स (Delta Waves)** है, जो सच्चा आनंद है। बाबाजी गाय के दूध को नॉन-स्टिमुलेंट बताते हुए कहते हैं कि इसमें डेल्टा वेव्स होती हैं, इसीलिए गाय और माँ की पूजा की जाती है। वे गोबर खाने के खिलाफ चेतावनी देते हैं और राजनेताओं व धन संग्रह करने वालों की आलोचना करते हैं। अंत में, वे गुरु द्वारा डेल्टा वेव्स के शक्तिपात के महत्व को समझाते हैं।---मुख्य विषय (Topics)* नशा, उत्तेजना और गामा वेव्स (Intoxication, Stimulation & Gamma Waves)* डेल्टा वेव्स और आध्यात्मिक शांति (Delta Waves & Spiritual Peace)* गाय और माँ के दूध का विज्ञान (Science of Cow & Mother's Milk)* आदम, ईव और वर्जित फल (गेहूँ) (Adam, Eve & Forbidden Fruit - Wheat)* धन संग्रह और राजनीति पर कटाक्ष (Critique of Wealth Hoarding & Politics)* गुरु-शिष्य परंपरा और शक्तिपात (Guru-Disciple Tradition & Energy Transmission)---Shorts Style Topics- शराब पीने से दिमाग में क्या होता है? गामा वेव्स का सच [00:00] 🍷🧠- गाय की पूजा क्यों होती है? बाबाजी ने बताया वैज्ञानिक कारण [25:18] 🐄🙏- आदम और ईव ने कौन सा फल खाया था? सेब नहीं, गेहूँ! [06:58] 🌾🍎- गोबर खाना जानलेवा हो सकता है! बाबाजी की चेतावनी [30:00] ⚠️🛑- गुरु जब सिर पर हाथ रखता है तो करंट क्यों लगता है? [01:06:00] ⚡🤲---वीडियो के लिए शीर्षक (Titles)1. शराब और नशा: संतों ने इसे क्यों मना किया? वैज्ञानिक कारण2. गाय और माँ की पूजा क्यों? डेल्टा वेव्स का रहस्य3. आदम और ईव का सच: वो 'फल' क्या था जिसने स्वर्ग से निकाल दिया?4. गोबर ...
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    1 h et 21 min