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Baba ji Vijay Vats

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The purpose of creating this channel is to show people the right path, which keeps raising many questions in their mind, it is our full effort to get some answers. Whatever audio you are listening to here have not a motive to hurt the feelings of any person, religion, or community. That is why if someones gets hurt due to our efforts, then we apologize in advance.Baba ji Vijay Vats Spiritualité
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    Épisodes
    • 10 Jan 26 - दीक्षा कब मिलेगी? रिश्तों का सच!! गुरु नानक का सूत्र: "जोर न जुगती छूटै संसार"
      Jan 10 2026
      00:00 - भजन: "अच्चुतम केशवम कृष्ण दामोदरम" (Achutam Keshavam)06:00 - प्रश्न (शांता कुमारी): परिवार के बाकी सदस्यों को दीक्षा कब मिलेगी? (Question on Diksha)06:45 - भीड़ और गुणवत्ता: "मैं भीड़ नहीं, गुणवत्ता चाहता हूँ" (Quality over Quantity)13:00 - असली आजादी vs आज की राजनीति (Freedom Fighters vs Politicians)20:50 - वासनाएं: "सर्द झोंकों से भड़कते हैं बदन में शोले" (Desires & Suppression)33:00 - रिश्ते-नाते: "तुम्हारे घर में तुम्हारे पिछले जन्म के दुश्मन हो सकते हैं" (Truth of Relationships)43:00 - पलकें उठाना: "रब दा की पाना, एधरों पुटना ते ओधर लाना" (Just Lift the Veil)49:00 - गुरु नानक का सूत्र: "जोर न जुगती छूटै संसार" (No Force, No Technique)56:00 - गीत: "तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रखा क्या है" (Song: Teri Aankhon Ke Siwa)01:03:00 - दर्शन vs सुमिरन: "जिसे देखा नहीं, उसे याद कैसे करोगे?" (Experience vs Chanting)---सारांश (Summary)इस सत्संग में बाबाजी दीक्षा में भीड़ की जगह 'गुणवत्ता' पर जोर देते हैं। वे गुरु नानक के सूत्र **"जोर न जुगती छूटै संसार"** को समझाते हैं कि मुक्ति के लिए किसी तकनीक या बल की नहीं, बस अज्ञान की **'पलकें'** उठाने की जरूरत है। बाबाजी कहते हैं कि बिना **'दर्शन'** (Experience) किए **'सुमिरन'** (Chanting) करना व्यर्थ है। वे रिश्तों को पिछले जन्मों का लेखा-जोखा बताते हैं और समझाते हैं कि परमात्मा दूर नहीं, बस हमारी बंद आंखों के पीछे है।---मुख्य विषय (Topics)* दीक्षा और भीड़ तंत्र (Crowd Management in Spirituality)* राजनेता vs स्वतंत्रता सेनानी (Politicians vs Freedom Fighters)* रिश्तों की सच्चाई (Past Karma in Families)* सहज समाधि: केवल पलकें उठाना (Just Lifting the Veil)* गुरु नानक का महावाक्य: जोर न जुगती* दर्शन पहले, सुमिरन बाद में (First Experience, Then Remembrance)---Shorts Style Topics- दीक्षा क्यों बंद कर दी? बाबाजी का जवाब [06:45] 🚫🙏- तुम्हारे घर वाले तुम्हारे पिछले जन्म के दुश्मन हो सकते हैं! [33:00] 🏠⚔️- गुरु नानक: मुक्ति के लिए कोई 'जुगाड़' या 'ताकत' नहीं चाहिए [49:00] 🛠️❌- "जिसे देखा नहीं, उसका नाम जपने से क्या होगा?" [01:03:00] 📿🤔- अध्यात्म में सबसे आसान काम: सिर्फ पलकें उठाना [43:00] 👁️✨---संगीत/गीत (Music/Songs) 🎵- "अच्चुतम केशवम कृष्ण दामोदरम" (Bhajan) [00:00]- "सर्द झोंकों से भड़कते हैं बदन में शोले" (Metaphor for Desires) [21:00]- "पलकों की गलियों में चेहरे बहारों के... तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रखा क्या है" (Soulful Singing) [56:00]---वीडियो के लिए शीर्षक (Titles)1. दीक्षा और भीड़: बाबाजी ने क्यों मना किया?2. "जोर न जुगती": गुरु नानक देव जी का सबसे गहरा संदेश3. सुमिरन (Chanting) मत करो, पहले दर्शन (See God) करो!4. क्या आपके रिश्तेदार ...
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      1 h et 17 min
    • 9/1/26 - गुरु गोरखनाथ: मोहम्मद मोहम्मद ना कर काजी | बलि प्रथा और अहंकार | क्या दूध पीना मांसाहार है?
      Jan 9 2026

      00:00 - गुरु गोरखनाथ की वाणी: "मोहम्मद मोहम्मद ना कर काजी" (नाम जपने से नहीं, उस चेतना तक पहुँचने से बात बनेगी)03:00 - राम ने राजपाठ क्यों त्यागा? (राजपाठ 'जी का जंजाल' है)06:30 - "जो सुख पायो राम भजन में, वो सुख नाहिं अमीरी में": हुक्म चलाना है या आनंद लेना है?09:00 - "इस दिल के आशियान में बस उनके ख्याल रह गए": अकेले ही जाना है12:00 - "मोहम्मद हाथ करद जे होती": तलवार (करद) जीव हत्या के लिए नहीं, अहंकार काटने के लिए है15:00 - नाम (Name) vs अस्तित्व (Existence): इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन नाम बाद में आए, वे पहले से थे19:00 - बलि प्रथा (Animal Sacrifice) का विरोध: जीव हत्या पाप है, चाहे धर्म के नाम पर हो23:00 - किसान आंदोलन और राजनीति: "जीत के करीब नहीं, जीत गए थे"28:00 - "भूखे भजन न होय गोपाला": अध्यात्म के लिए पेट भरा होना जरूरी है (Base Needs)31:00 - ओशो और दूध (Milk): क्या दूध पीना मांसाहार है? बाबाजी का तर्क (40 किलो दूध और बछड़ा)36:00 - बलात्कारियों के लिए कठोर दंड का सुझाव: केवल नपुंसक बनाने से काम नहीं चलेगा40:00 - जीडीपी (GDP) का सच: जापान और जर्मनी से तुलना (आबादी का फर्क)46:00 - "लम्बा पेड़ खजूर": खजूर खाने के लिए पेड़ पर चढ़ना पड़ेगा (प्रयास जरूरी है)50:00 - बकरी ईद और कुर्बानी का असली मतलब: "मैं" (Ego) को हलाल करो55:00 - रामकृष्ण परमहंस और तोतापुरी: काली माँ की मूर्ति को तलवार से काटने का प्रसंग (सविकल्प vs निर्विकल्प समाधि)1:06:00 - शेयर बाजार (Share Market) एक गोरखधंधा है: सोना (Gold) खरीदना बेहतर है1:14:00 - "वसुधैव कुटुम्बकम": हम टुकड़े नहीं, अखंड विश्व चाहते हैं

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      1 h et 26 min
    • 8 Jan 26 - गुरु गोरखनाथ का असली रहस्य: "हसिबा खेलिबा रहिबा रंग" ब्रेन डेड या समाधि? 0 Hertz का रहस्
      1 h et 21 min
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