Couverture de A Principal Who Rides for Change

A Principal Who Rides for Change

A Principal Who Rides for Change

Écouter gratuitement

Voir les détails

À propos de ce contenu audio

यह पॉडकास्ट एक ऐसे व्यक्तित्व की प्रेरणादायक जीवन-यात्रा को समर्पित है, जिन्होंने सादगी, संकल्प और शिक्षा को अपना जीवन-धर्म बनाया।

ओम प्रकाश कानसुजिया — एक ऐसा नाम जो आज सरकारी शिक्षा व्यवस्था में प्रेरणा का प्रतीक बन चुका है।


बिरोड़ी गांव की ढाणियों से निकलकर, प्राथमिक शिक्षा से लेकर व्याख्याता और फिर उसी स्कूल के प्रधानाचार्य (Principal) बनने तक का यह सफर आसान नहीं था। शिक्षा को ही भविष्य मानते हुए उन्होंने निरंतर अध्ययन किया और आज सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बिड़ोदी को नवाचार, अनुशासन और हरित सोच का उदाहरण बना दिया है।


इस पॉडकास्ट में आप जानेंगे:

कैसे एक सरकारी स्कूल निजी स्कूलों की बराबरी कर सकता है

30 KM रोज़ साइकिल से स्कूल आने वाले प्रिंसिपल की सोच

साइकिल से अयोध्या यात्रा और पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता

‘मैराथन मैन’ के रूप में पहचान और जिला स्तर की उपलब्धियाँ

स्कूल में हरियाली, नवाचार और छात्रों के लिए अतिरिक्त सुविधाएँ

बेटियों की शादी में सादगी की अनूठी मिसाल

गणतंत्र दिवस पर 55 फीट ऊँचे राष्ट्रीय ध्वज का संकल्प

यह पॉडकास्ट उन अभिभावकों, शिक्षकों, छात्रों और नीति-निर्माताओं के लिए है जो मानते हैं कि अगर सही नेतृत्व मिले, तो सरकारी स्कूल भी देश का भविष्य संवार सकते हैं।


🎧 सुनिए एक ऐसी कहानी जो आपको सोचने, समझने और प्रेरित होने पर मजबूर कर देगी।


अगर ऐसे प्रधानाचार्य हर सरकारी स्कूल में हों — तो महंगी शिक्षा की मजबूरी ही खत्म हो जाए।

Aucun commentaire pour le moment