2. पवित्र स्थान के परदे और खम्भे (निर्गमन २६:३१-३७)
Impossible d'ajouter des articles
Échec de l’élimination de la liste d'envies.
Impossible de suivre le podcast
Impossible de ne plus suivre le podcast
-
Lu par :
-
De :
À propos de ce contenu audio
मैं पवित्र स्थान के खम्भे और उसके परदों के रंगों में निहित आत्मिक मतलब पर मनन करना चाहूँगा। हम यहाँ जिस मिलापवाले तम्बू के बारे में बात कर रहे है वह १३.५ मीटर (४५ फीट) लंबा और ४.५ मीटर (१५ फीट) चौड़ा है, और यह पवित्र स्थान और परमपवित्र स्थान ऐसे दो कमरों में विभाजित किया गया है। पवित्र स्थान के अन्दर, दीवट, भेंट की रोटी की मेज, और धूप वेदी थी, जब की परमपवित्र अथां के अन्दर साक्षीपत्र का संदूक और दयासन को रखा गया था।
पवित्र स्थान और परमपवित्र स्थान के अनुसार, मिलापवाला तम्बू चारों ओर से ७० सेंटीमीटर (२.३ फीट) चौड़े और ४.५ मीटर (१५ फीट) ऊँचे बबूल की लकड़ी से बने पटिये से घिरा हुआ था। और मिलापवाले तम्बू के द्वार पर, सोने से मढ़े बबूल की लकड़ी से बने पाँच खम्भों को रखा गया था। बहार से अन्दर प्रवेश करने के लिए जो द्वार था वह खुद नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े और बटी हुई सनी के कपड़े से बुना हुआ था।
https://www.bjnewlife.org/
https://youtube.com/@TheNewLifeMission
https://www.facebook.com/shin.john.35
Vous êtes membre Amazon Prime ?
Bénéficiez automatiquement de 2 livres audio offerts.Bonne écoute !