Couverture de श्रीमद्भगवद्गीता - अध्याय 1: अर्जुन विषाद योग || श्लोक 23 से 47 तक

श्रीमद्भगवद्गीता - अध्याय 1: अर्जुन विषाद योग || श्लोक 23 से 47 तक

श्रीमद्भगवद्गीता - अध्याय 1: अर्जुन विषाद योग || श्लोक 23 से 47 तक

Écouter gratuitement

Voir les détails

Offres de saison | 0,99 € par mois pendant les 3 premiers mois

5,99 €/mois par la suite. Des conditions s’appliquent. Annulation mensuelle possible.

🕉 नमस्कार! आप सभी का स्वागत है श्रीमद्भगवद्गीता के पहले अध्याय में, जिसे "अर्जुन विषाद योग" कहा जाता है। इस अध्याय में, महाभारत के युद्धक्षेत्र कुरुक्षेत्र में खड़े अर्जुन के मन में उठ रहे संदेह और विषाद को दर्शाया गया है।श्लोक 23 से 47 तक, हम देखते हैं कि अर्जुन युद्धभूमि में अपने बंधु-बांधवों को देखकर भावनात्मक रूप से विचलित हो जाते हैं। उनका मन मोह से भर जाता है, वे धर्म और अधर्म के बीच उलझ जाते हैं, और अंततः, वे धनुष-बाण छोड़कर भगवान श्रीकृष्ण के समक्ष आत्मसमर्पण कर देते हैं।📖 इन श्लोकों में मुख्य विषय:✅ अर्जुन का मानसिक संघर्ष और कर्तव्य पर संशय✅ युद्ध के परिणामों को लेकर अर्जुन की दुविधा✅ परिवार, गुरु और बंधु-बांधवों के प्रति मोह✅ श्रीकृष्ण से मार्गदर्शन की प्रार्थनातो आइए, भगवान श्रीकृष्ण के अमृतवाणी को सुनें और समझें, जिससे हमें जीवन में धर्म, कर्तव्य और आत्मज्ञान की दिशा में मार्गदर्शन प्राप्त हो सके।#BhagavadGita #Chapter1 #ArjunaVishadaYoga #GitaShlokas #KrishnaTeachings #Mahabharata #Dharma #Spirituality #KarmaYoga #VedicWisdom #GitaHindi #ShriKrishna #Hinduism #GitaSaar #SanatanaDharma #GitaMotivation #DivineWisdom #Kurukshetra #GeetaGyan

adbl_web_anon_alc_button_suppression_t1
Aucun commentaire pour le moment