Couverture de 4. पर्दा जो फट गया (मत्ती २७:५०-५३)

4. पर्दा जो फट गया (मत्ती २७:५०-५३)

4. पर्दा जो फट गया (मत्ती २७:५०-५३)

Écouter gratuitement

Voir les détails

À propos de ce contenu audio

परमपवित्र वह स्थान था जहाँ परमेश्वर निवास करते थे। और केवल महायाजक ही साल में एक बार प्रायश्चित के दिन इस्राएलियों के पापों की माफ़ी के लिए बलिदान के बकरे का लहू लेकर परमपवित्र स्थान में प्रवेश कर सकता था। उसने ऐसा किया क्योंकि मिलापवाले तम्बू का परमपवित्र स्थान, परमेश्वर का घर, पवित्र स्थान था जहाँ वह बलिदान के लहू को लिए बिना प्रवेश नहीं कर सकता था, जिसके सिर पर उसने पापियों के अपराधों को मिटने के लिए हाथ रखे थे। अलग तरह से देखे तो, जब तक महायाजक परमेश्वर के स्थान में प्रवेश करने से पहले बलिदान अर्पण करके अपने पापों की माफ़ी नहीं प्राप्त करता था तब तक वह परमेश्वर के दोष से बच नहीं सकता था।

https://www.bjnewlife.org/
https://youtube.com/@TheNewLifeMission
https://www.facebook.com/shin.john.35

Les membres Amazon Prime bénéficient automatiquement de 2 livres audio offerts chez Audible.

Vous êtes membre Amazon Prime ?

Bénéficiez automatiquement de 2 livres audio offerts.
Bonne écoute !
    Aucun commentaire pour le moment