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Pipal Tole Ke Launde

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L'offre prend fin le 15 Juillet 2026 à 23 h 59.
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Pipal Tole Ke Launde

De : Ishan Trivedi
Lu par : Arun Shekhar
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3 mois pour 0,99 €/mois, puis 5,99 €/mois. Possibilité de résilier chaque mois. Offre valable jusqu'au 15 juillet 2026 à 23 h 59.

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वह एक छोटे-से गाँव का छोटा-सा बैंक है। बस सौ-डेढ़ सौ खाते ही खुले होंगे वहाँ। लेकिन हर महीने की तीसरी तारीख़ को पास ही के एक हाइवे के तीन बड़े कारख़ानों से बहुत सारा पैसा आके यहाँ जमा होता है। सिर्फ़ तीन घंटों के लिए। और इन तीन घंटों में जो होता है उसके पीछे कुछ मील दूर बसे एक क़स्बे की बीस साल लम्बी दास्तान है। वह दास्तान जिसमें बलखाती, उबाल-भरी प्रेम कहानियाँ हैं। वह दास्तान जिसमें बदलती दुनिया के साथ भागते-हाँफते क़स्बाई सपनों का बेमानीपन है। वह दास्तान जहाँ ज़िन्दगी के ख़ालीपन को भरने के लिए रास्ते भी ऐसे चुने जाते हैं जो कहीं नहीं ले जाते। वह दास्तान पीपलटोले के उन तीन लड़कों की है जिनकी आँखों पे ज़िन्दगी ने ऐसा चश्मा चढ़ा दिया है कि उन्हें अपने चारों तरफ़ सब कुछ बस ग़लत होता दिखाई दे रहा है। आगे वही है जो लूट रहा है। तो हम भी क्यों ना लूटें? बैक डकैती की एक घटना को लेकर लिखी गई यह कहानी एक सत्य घटना पर आधारित है। उन प्रेम अजीब-सी प्रेम कहानियों में भी कल्पना कम है, यथार्थ ज़्यादा जो इसके साथ आप सुनेंगे। थोड़े सड़क छाप अन्दाज़ में रुहेलखंडी धज के साथ।©2021 Storyside IN (P)2021 Storyside IN Fiction criminelle Policier
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