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दिनभरि पानी परिरहन्छ

A collection of Nepali poems-traditional and experimental (Nepali Edition)

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दिनभरि पानी परिरहन्छ

De : Tulasi Acharya
Lu par : Tulasi Acharya
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तलस आचरयक परसतत सङकलनक कवतम जवनक अनक आयमहरक मरमक र भवनतमक चतरण भएक छ बआमक पहरनक समत र आफन बलकल उजगर गरक पसतनतरक समझनम लखएक कवतहरबट आरमभ भएक सङगरहल वषयहरक परयगतमक सयजन गरक छ तनम ब र हजरबक, "आमक भगइ"हर अन दशक समझनक अतयनत मरमक परकरल परयग गरएक छ कवतक वषयहर सधरणदख लएर अधकवयक, दरशनक र मतभमजनय शरषकहरम फलएक छन समत र परणयरगक परयग अन आफ समपरत कलम बसक भम जरजयल दएक कवयक कषणहरमथक उदगर य सङकलनक कवतक अरक सनदर पकष ह नपलम आफन पतनलई लखक पतर र नपल भमक समतसग जडएर लखक कवतहर मरमक र आकरषक छन कह गदयतमक शलम अन कङकरट पइटरक शबदचतरजनय परयग गर लखएक कवतम आचरयक कवयसधनक फरकल पकष भटनछ समगरम, य जवनक सहज, चनतपरण र भवतमक पकषम लखएक पठनय कवतहरक सङकलन ह - ड. अभ सवदपरसतत कवत-सगलम तलस आचरय परतनध परयगधरम कवक रपम उभएक छन परचलत कवयवधनलई छडर नवन व अतरकत कवयसतय चमकउन उनक सतपरयस छ सनदर वमब, उचच ललतय र भव-गमभरयक सथ उनल यगन चतनक शङखघष गरक छन हरक शबदम जवनक मधरस भरएक छ शबदल शबदलई धकक दएर आफ]न ठउ बनएक छन कवयक घनतव गढ छ उनक कवत पठकक अनतसथलम आफ]न रन बसर बनउन सफल हनछन -रजकमर बनय

Please Note: This audiobook is in Nepali.

©2026 Tulasi Acharya (P)2026 Tulasi Acharya
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